Thursday, 28 May 2026

संघर्ष और शिकायतें

शिकायतों के बीच जिंदगी

जीवन एक ऐसी यात्रा है जहाँ हर मोड़ पर संघर्ष भी मिलते हैं और शिकायतें भी। कोई व्यक्ति कितना भी सफल क्यों न हो जाए, उसके जीवन से परेशानियाँ पूरी तरह समाप्त नहीं होतीं। कभी परिस्थितियों से शिकायत होती है, कभी लोगों से, तो कभी स्वयं से। लेकिन सच यही है कि यदि इंसान हर समय शिकायतों में उलझा रहेगा, तो जीवन की सुंदरता को कभी महसूस नहीं कर पाएगा।


संघर्ष जीवन का दूसरा नाम है। जन्म लेते ही मनुष्य संघर्ष करना शुरू कर देता है। एक छोटा बच्चा चलना सीखने के लिए गिरता है, संभलता है और फिर उठ खड़ा होता है। विद्यार्थी अच्छे अंकों के लिए संघर्ष करता है, युवा अपने करियर के लिए और बुज़ुर्ग अपने स्वास्थ्य के लिए। हर उम्र का अपना संघर्ष है। फर्क सिर्फ इतना है कि समय के साथ संघर्षों का स्वरूप बदल जाता है।


आज का इंसान सुविधाओं से घिरा हुआ है, फिर भी संतुष्ट नहीं है। जिसके पास नौकरी नहीं है, वह नौकरी के लिए परेशान है और जिसके पास नौकरी है, वह काम के दबाव से परेशान है। जिसके पास छोटा घर है, वह बड़े घर का सपना देखता है और जिसके पास बड़ा घर है, वह उसमें सुकून ढूँढता फिरता है। अर्थात शिकायतें कभी समाप्त नहीं होतीं, क्योंकि इंसान की इच्छाएँ कभी समाप्त नहीं होतीं।


सोशल मीडिया के इस दौर में शिकायतें और भी बढ़ गई हैं। लोग दूसरों की चमकती हुई जिंदगी देखकर अपनी जिंदगी को अधूरा समझने लगते हैं। कोई अपनी सफलता दिखाता है, कोई अपनी खुशियाँ, लेकिन उसके पीछे का संघर्ष बहुत कम लोग दिखाते हैं। परिणामस्वरूप लोग तुलना करने लगते हैं और शिकायतों का बोझ बढ़ता जाता है।


वास्तव में शिकायतें जीवन को बोझिल बना देती हैं। जो व्यक्ति हर समय शिकायत करता है, वह धीरे-धीरे नकारात्मकता से भर जाता है। उसकी ऊर्जा, उसका आत्मविश्वास और उसकी खुशी सब कम होने लगती है। वहीं जो व्यक्ति संघर्षों को स्वीकार कर आगे बढ़ना सीख लेता है, वही जीवन में सच्ची सफलता प्राप्त करता है।


हमें यह समझना होगा कि संघर्ष हमें मजबूत बनाने के लिए आते हैं। जैसे सोना आग में तपकर कुंदन बनता है, वैसे ही इंसान संघर्षों से निखरता है। यदि जीवन में कठिनाइयाँ न हों, तो व्यक्ति अपने भीतर छिपी शक्ति को कभी पहचान ही नहीं पाएगा।


जीवन में शिकायतें कम और कृतज्ञता अधिक होनी चाहिए। जो हमारे पास है, यदि हम उसकी कद्र करना सीख जाएँ, तो जीवन बहुत सरल और सुंदर लगने लगेगा। हर परिस्थिति में कुछ अच्छा अवश्य छिपा होता है। जरूरत केवल उसे देखने की है।


अंततः यही कहा जा सकता है कि संघर्ष और शिकायतें जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन यह हमारे ऊपर निर्भर करता है कि हम उन्हें बोझ बनाते हैं या सीख। यदि हम हर कठिनाई को अनुभव समझकर आगे बढ़ें, तो जीवन की राह आसान हो जाती है। क्योंकि जिंदगी कभी संघर्षों से खाली नहीं होती, लेकिन मुस्कुराकर चलने वाले लोग हर संघर्ष को जीत में बदल देते हैं।


✍️ लेखनाधिकार सुरक्षित: डॉ. नीरू मोहन

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