Thursday, 28 May 2026

मुस्कान से महकता जीवन (कविता,)

 मुस्कान से महकता जीवन


जीवन में हर चीज तभी अच्छी लगती है,

जब मन खुश हो।

यदि मन बोझिल हो तो

सुंदर मौसम भी फीका लगता है,

और यदि मन प्रसन्न हो तो

साधारण दिन भी उत्सव बन जाता है।


खुशी किसी वस्तु, धन या दिखावे में नहीं,

बल्कि हमारे विचारों और संतोष में छिपी होती है।

जो व्यक्ति छोटी-छोटी बातों में आनंद ढूँढ़ लेता है,

वही सच्चे अर्थों में जीवन जीना सीख जाता है।


हर परिस्थिति हमारे अनुसार नहीं होती,

फिर भी मुस्कुराना सीखना पड़ता है।

क्योंकि दुख बाँटने वाले कम मिलते हैं,

पर खुश रहने वाला इंसान

हर दिल में अपनी जगह बना लेता है।


इसलिए स्वयं को समय दें,

अपनों के साथ हँसें,

पुरानी शिकायतों को छोड़ दें

और हर नए दिन का स्वागत मुस्कान से करें।

क्योंकि खुश रहना केवल आदत नहीं,

जीवन को सुंदर बनाने की सबसे बड़ी शक्ति है।


✍️ लेखनाधिकार सुरक्षित: डॉ. नीरू मोहन

खुश रहना ही सबसे बड़ी कला (कविता)

 खुश रहना ही सबसे बड़ी कला


जीवन में हर चीज तभी अच्छी लगती है,

जब मन खुश हो।

यदि मन बोझिल हो तो

सुंदर मौसम भी फीका लगता है,

और यदि मन प्रसन्न हो तो

साधारण दिन भी उत्सव बन जाता है।


खुशी किसी वस्तु, धन या दिखावे में नहीं,

बल्कि हमारे विचारों और संतोष में छिपी होती है।

जो व्यक्ति छोटी-छोटी बातों में आनंद ढूँढ़ लेता है,

वही सच्चे अर्थों में जीवन जीना सीख जाता है।


हर परिस्थिति हमारे अनुसार नहीं होती,

फिर भी मुस्कुराना सीखना पड़ता है।

क्योंकि दुख बाँटने वाले कम मिलते हैं,

पर खुश रहने वाला इंसान

हर दिल में अपनी जगह बना लेता है।


इसलिए स्वयं को समय दें,

अपनों के साथ हँसें,

पुरानी शिकायतों को छोड़ दें

और हर नए दिन का स्वागत मुस्कान से करें।

क्योंकि खुश रहना केवल आदत नहीं,

जीवन को सुंदर बनाने की सबसे बड़ी शक्ति है।


✍️ लेखनाधिकार सुरक्षित: डॉ. नीरू मोहन

10 सुप्रभात संदेश

 🌅 सुप्रभात संदेश 1


“कर्म करते रहो, दुनिया वाले हाथ से छीन सकते हैं लेकिन नसीब से नहीं।”


जीवन में कई बार लोग आपकी मेहनत, आपका समय और आपकी कोशिशों को रोक सकते हैं, लेकिन आपका भाग्य और आपकी मेहनत का फल कोई छीन नहीं सकता।


👉 कर्म ही वह शक्ति है जो भविष्य बनाती है।

👉 रुकावटें सिर्फ परीक्षा हैं, मंज़िल नहीं।

👉 और निरंतर प्रयास ही सफलता की गारंटी है।


इसलिए कभी रुकिए मत, कभी झुकिए मत—बस अपने कर्म पर विश्वास रखिए।

क्योंकि जो लिखा जा रहा है, उसे कोई मिटा नहीं सकता।


🌸 कर्म करो, फल समय पर मिलेगा ही।


🌅 सुप्रभात संदेश 2

जीवन में हर सुबह एक नया अवसर लेकर आती है—कुछ पाने का, कुछ बनने का, और कुछ सहने का।

लेकिन सच यही है कि संघर्ष ही जीवन है।

जब रास्ते कठिन हों, जब मंज़िल दूर दिखे, तब याद रखना—

पेड़ भी तूफानों में ही अपनी जड़ें मजबूत करता है।

सोना भी आग में तपकर ही निखरता है।

और इंसान भी संघर्षों से ही अपने असली स्वरूप को पहचानता है।

इसलिए आज का संदेश यही है—

👉 संघर्ष से मत घबराओ, यही तुम्हें मजबूत बनाएगा।

👉 कठिनाइयाँ तुम्हें रोकने नहीं, बल्कि तराशने आती हैं।

👉 हर गिरावट के बाद उठना ही जीवन की सबसे बड़ी जीत है।

संघर्ष ही जीवन है, और जीत उसका परिणाम।

🌸 आपका दिन शुभ हो, ऊर्जावान हो और नए आत्मविश्वास से भरा हो।


🌅 सुप्रभात संदेश 3

“आपका धैर्य ही आपके सौ दुखों का अंत है।”

जीवन में कई बार परिस्थितियाँ हमें भीतर तक तोड़ने लगती हैं, लेकिन वही समय हमारी परीक्षा भी होता है।

जो व्यक्ति धैर्य को थामे रखता है, वह धीरे-धीरे हर दुख की जड़ को कमजोर कर देता है।

धैर्य कोई कमजोरी नहीं, बल्कि सबसे बड़ी शक्ति है।

यह वह दीपक है जो अंधकार में भी राह दिखाता है, और वह ढाल है जो हर चोट को सहन कर लेता है।

👉 जल्दबाज़ी में फैसले अक्सर दुख बढ़ाते हैं।

👉 धैर्य से लिए गए निर्णय जीवन बदल देते हैं।

👉 समय और धैर्य मिलकर हर घाव को भर देते हैं।

इसलिए आज बस इतना याद रखें—

रुकना नहीं है, बस धैर्य के साथ चलते रहना है।

🌸 आपका दिन शांत, स्थिर और सकारात्मक हो।


🌅 सुप्रभात संदेश 4

“Enjoy your life with joy and smile, jo aaj hai vo kal nahi hoga.”

जीवन बहुत छोटा है और समय बहुत तेज़ी से बदलता है।

जो पल आज आपके पास है, वही सबसे बड़ा सच है—कल केवल यादें रह जाती हैं।

इसलिए हर दिन को बोझ नहीं, बल्कि उपहार समझिए।

👉 मुस्कुराइए, क्योंकि मुस्कान आपकी ताकत है।

👉 खुश रहिए, क्योंकि खुशी ही असली दौलत है।

👉 आज को जीइए, क्योंकि कल का कोई भरोसा नहीं।

जीवन की खूबसूरती “परफेक्ट समय” में नहीं, बल्कि “वर्तमान को जीने” में है।

जो लोग आज को पूरी तरह जी लेते हैं, वही सच्चे अर्थों में समृद्ध होते हैं।

🌸 आज जिएं, मुस्कुराएँ और हर पल का आनंद लें।


🌅 सुप्रभात संदेश 5

“ईश्वर आपको सुकून भरी जिंदगी दे।”

सुकून धन से नहीं, हालात से नहीं—बल्कि मन की शांति से मिलता है।

जब मन स्थिर होता है, तब छोटी-छोटी खुशियाँ भी बड़ी लगने लगती हैं।

ईश्वर से यही प्रार्थना है कि

👉 आपके जीवन में शांति बनी रहे।

👉 आपका मन हर चिंता से मुक्त रहे।

👉 और आपकी राहों में सिर्फ सकारात्मकता ही मिले।

जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहेंगे, लेकिन सुकून वही है जो हर परिस्थिति में आपको भीतर से मजबूत बनाए रखे।

🌸 ईश्वर आपको सुख नहीं, बल्कि सुकून और संतोष से भरपूर जीवन दे।


🌅 सुप्रभात संदेश 6

“सबसे बड़ी पूंजी वह है जो आपके अपने और शुभचिंतक हैं—उनका साथ और प्यार।”

जीवन में धन, पद और सफलता सब महत्वपूर्ण हो सकते हैं, लेकिन ये सब अकेलेपन का सहारा नहीं बनते।

असली ताकत वह लोग होते हैं जो हर परिस्थिति में आपके साथ खड़े रहते हैं।

👉 अपनेपन का साथ कठिन समय में हिम्मत देता है।

👉 शुभचिंतकों का प्यार गिरने पर सहारा बनता है।

👉 रिश्तों की सच्चाई ही जीवन को सुंदर बनाती है।

इसलिए जो लोग आपके साथ सच्चे दिल से जुड़े हैं, उनका सम्मान कीजिए, उन्हें समय दीजिए और उनके प्यार को संजोकर रखिए।

🌸 क्योंकि असली पूंजी बैंक में नहीं, दिलों में होती है।


🌅 सुप्रभात संदेश 7

“ख्वाहिश ये न रखो कि तारीफ हर कोई करे,

कोशिश ये रखो कि बुराई कोई न करे।”

जीवन में हर व्यक्ति सबकी पसंद नहीं बन सकता, लेकिन अपने कर्मों से खुद को इतना साफ ज़रूर रखा जा सकता है कि किसी को उंगली उठाने का मौका न मिले।

👉 तारीफ क्षणिक होती है,

👉 लेकिन चरित्र की पहचान हमेशा रहती है।

👉 और सच्ची सफलता वही है जिसमें सम्मान भी हो और विश्वास भी।

इसलिए लक्ष्य भी बड़ा रखिए और व्यवहार भी शुद्ध रखिए।

नाम के पीछे भागने से बेहतर है कि ऐसा व्यक्तित्व बनाइए जो अपने आप सम्मान कमा ले।

🌸 सच्चा जीवन वही है जिसमें लोग आपकी बुराई करने से पहले सोचें।


🌅 सुप्रभात संदेश 8

“मुझे सिर्फ तुम्हारा साथ चाहिए।”

हर सुबह जब आँखें खुलती हैं, तो सबसे पहले तुम्हारा ही ख्याल आता है।

तुम्हारा साथ मेरे जीवन की सबसे बड़ी ताकत है, और तुम्हारी मुस्कान मेरी सबसे प्यारी आदत।

👉 तुम्हारे बिना हर खुशी अधूरी लगती है।

👉 तुम्हारी मौजूदगी हर दिन को खास बना देती है।

👉 और तुम्हारा साथ ही मेरे जीवन की सबसे खूबसूरत कहानी है।

ईश्वर से बस यही दुआ है कि हमारा साथ यूँ ही बना रहे—हर सुबह, हर शाम, हर जन्म।

🌸 सुप्रभात, मेरे जीवन साथी… तुम्हारे साथ ही मेरी दुनिया पूरी है।


🌅 सुप्रभात संदेश 9

“मन की शांति से अच्छा इस दुनिया में कुछ नहीं है।”

जीवन में चाहे कितना भी धन, वैभव या सफलता मिल जाए, अगर मन अशांत है तो सब अधूरा लगता है।

और अगर मन शांत है, तो साधारण जीवन भी स्वर्ग जैसा लगने लगता है।

👉 शांति बाहरी चीज़ों से नहीं, भीतर की सोच से मिलती है।

👉 कम अपेक्षाएँ और सच्ची स्वीकृति मन को हल्का करती हैं।

👉 और संतोष ही असली सुख की कुंजी है।

इसलिए आज बस इतना याद रखें—

जो मन को शांत रखता है, वही जीवन को सुंदर बनाता है।

🌸 सुकून ही सबसे बड़ी दौलत है।


🌅 सुप्रभात संदेश 10

“भूमि और भाग्य का स्वभाव एक जैसा है—जो बोया जाता है, वही उगता है।”

जीवन भी एक खेत की तरह है।

जैसे किसान अपने खेत में जैसा बीज बोता है, वैसा ही फल पाता है, वैसे ही इंसान अपने कर्मों और विचारों से अपना भविष्य तैयार करता है।

👉 अच्छे विचार बोइए, तो शांति और सफलता मिलेगी।

👉 मेहनत बोइए, तो परिणाम जरूर मिलेगा।

👉 और गलत कर्म बोइए, तो परिणाम भी वैसा ही होगा।

इसलिए जीवन में हमेशा यह याद रखें—

आप आज जो करते हैं, वही आपका कल बनता है।

🌸 कर्म ही बीज है, और जीवन उसका फल।


✍️ लेखनाधिकार सुरक्षित: डॉ. नीरू मोहन

धूप, संघर्ष और मुस्कान कविता

धूप, संघर्ष और मुस्कान 

संघर्षों की धूप में रोज़ जलना पड़ता है,

तब कहीं जाकर इंसान को संभलना पड़ता है।

हर मोड़ पर मिलती हैं उलझनों की आंधियाँ,

फिर भी हौसलों का दीपक जलाना पड़ता है।

शिकायतें तो उम्रभर साथ चलती हैं मगर,

हर दर्द को चुपचाप सहना पड़ता है।

ज़िंदगी कभी आसान नहीं होती दोस्तों,

हर हाल में खुद को बदलना पड़ता है।

कभी अपनों से चोट मिलती है राहों में,

कभी गैरों के बीच भी अकेलापन लगता है।

मगर टूटकर बिखर जाना हल नहीं होता,

इसलिए मुस्कुराकर आगे बढ़ना पड़ता है।

क्योंकि जिंदगी वही जी पाता है सच्चे अर्थों में,

जो आँसुओं में भी उम्मीद सजाना जानता है।

✍️ लेखनाधिकार सुरक्षित: डॉ. नीरू मोहन

शिकायतों की बस्ती कहानी

 शिकायतों की बस्ती


उस बस्ती का नाम “आनंदनगर” था,

नाम सुनकर लगता था जैसे वहाँ सिर्फ खुशियाँ ही खुशियाँ होंगी…

लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट थी।


वहाँ हर घर के दरवाज़े पर एक बोर्ड टंगा था —

“यहाँ शिकायतें स्वीकार की जाती हैं।”


सुबह होते ही पहला व्यक्ति निकलता और कहता,

“आज सूरज देर से निकला है, सरकार को देखना चाहिए…”

दूसरा कहता,

“चाय में स्वाद नहीं है, पूरी व्यवस्था खराब है…”


तीसरा व्यक्ति सबसे बड़ा विशेषज्ञ था,

उसे हर चीज़ में कमी दिखती थी —

“अगर मैं होता तो दुनिया बदल देता…”

लेकिन वह सिर्फ कुर्सी पर बैठकर हवा बदलता रहता था।


बस्ती में एक बूढ़ी महिला रहती थी, नाम था सुमित्रा।

वह बहुत कम बोलती थी, लेकिन उसकी आँखों में एक अलग ही चमक थी।

वह शिकायत नहीं करती थी… बस काम करती थी।


लोग उसे देखकर हँसते,

“अरे सुमित्रा! तुम भी कुछ तो शिकायत करो, वरना लोग क्या कहेंगे?”


वह मुस्कुराकर कहती —

“मुझे शिकायत करने से फुर्सत नहीं,

मैं अपने हिस्से की जिंदगी जीने में व्यस्त हूँ।”


धीरे-धीरे अजीब बात होने लगी…

जो लोग रोज़ शिकायत करते थे, वे और थकने लगे।

उनके चेहरे पर हमेशा असंतोष रहता था।


और सुमित्रा…

वह कम बोलते हुए भी सबसे शांत और संतुष्ट दिखती थी।


एक दिन बस्ती में बहुत बड़ा तूफान आया।

घर टूटे, सामान बिखरा, लोग परेशान हो गए।

सब लोग इकट्ठा होकर फिर शिकायतें करने लगे —

“ये मौसम भी हमारी किस्मत जैसा है…”


लेकिन सुमित्रा ने सबको बुलाया और कहा,

“अगर हम हर चीज़ में शिकायत ही करेंगे,

तो इसे सुधार कौन करेगा?”


उस दिन पहली बार बस्ती के कुछ लोगों ने चुपचाप काम शुरू किया।

कोई मलबा हटाने लगा, कोई घर जोड़ने लगा…


धीरे-धीरे बदलाव आने लगा।


और जिस बस्ती का नाम “आनंदनगर” सिर्फ नाम में था,

वह सच में आनंद देने लगी…


क्योंकि वहाँ लोगों ने शिकायत करना कम और प्रयास करना शुरू कर दिया था।


और सुमित्रा?

वह अब भी वही थी — शांत, सरल और मुस्कुराती हुई…

लेकिन अब लोग उसे “बदलाव की शुरुआत” कहने लगे थे।


✍️ लेखनाधिकार सुरक्षित: डॉ. नीरू मोहन

शिकायतों का राष्ट्रीय महोत्सव व्यंग्य

 शिकायतों का राष्ट्रीय महोत्सव


आजकल देश में अगर कोई चीज़ सबसे ज़्यादा मुफ्त में मिलती है,

तो वह है — शिकायत!


सुबह आँख खुलते ही शिकायत शुरू…

“नींद पूरी नहीं हुई…”

चाय मिली तो शिकायत — “चीनी कम है…”

ऑफिस गए तो शिकायत — “काम बहुत है…”

घर लौटे तो शिकायत — “आराम नहीं मिलता…”


अद्भुत बात यह है कि

जिसके पास साइकिल है, वह बाइक चाहता है…

जिसके पास बाइक है, वह कार चाहता है…

और जिसके पास कार है,

वह ट्रैफिक देखकर पैदल चलने की सोचता है।


आज का इंसान भी बड़ा विचित्र प्राणी है।

मोबाइल हाथ में लेकर कहता है —

“यार! जिंदगी में कोई साथ नहीं देता…”

और दूसरी तरफ़ पाँच सौ लोगों का स्टेटस देख रहा होता है।


कुछ लोग तो शिकायत करने में इतने अनुभवी हो चुके हैं

कि अगर जिंदगी अचानक अच्छी चलने लगे,

तो उन्हें बेचैनी होने लगती है।

फिर वे खुद ही कोई नई परेशानी ढूँढ लेते हैं

ताकि शिकायतों की परंपरा बनी रहे।


सोशल मीडिया ने तो इस कला को नया आयाम दे दिया है।

लोग पहले दुखी होते थे,

अब दुखी होकर फोटो भी डालते हैं।

कैप्शन होगा —

“कोई समझने वाला नहीं…”

और नीचे सौ कमेंट —

“Stay strong…”


सच कहूँ तो

अब संघर्ष कम और प्रदर्शन ज्यादा हो गया है।

हर कोई अपनी जिंदगी को

दूसरों की जिंदगी से तौल रहा है।

फिर शिकायत करता है कि

“सुकून नहीं है…”


अरे भाई!

सुकून ऑनलाइन नहीं मिलता,

वो तो अपने भीतर पैदा करना पड़ता है।


लेकिन नहीं…

हम तो शिकायतों के ऐसे कलाकार हैं

जो बारिश में भी रो देंगे कि

“धूप क्यों नहीं निकली…”

और धूप निकले तो कहेंगे —

“बहुत गर्मी है…”


लगता है अब सरकार को

“राष्ट्रीय शिकायत सम्मान” शुरू कर देना चाहिए।

जिस व्यक्ति ने दिनभर में सबसे ज्यादा शिकायतें की हों,

उसे गोल्ड मेडल मिलना चाहिए।


क्योंकि आजकल

कुछ लोगों की जिंदगी में संघर्ष कम हैं,

लेकिन शिकायतें विश्वस्तरीय हैं।


✍️ लेखनाधिकार सुरक्षित: डॉ. नीरू मोहन

शिकायतों से आगे , कविता

 शिकायतों से आगे


संघर्ष और शिकायतें

कभी खत्म नहीं होतीं…

बस उम्र के साथ

उनके चेहरे बदल जाते हैं।


बचपन में खिलौनों की जिद थी,

युवावस्था में सपनों की दौड़,

और अब…

मन को सुकून चाहिए।


जिसके पास कुछ नहीं,

वो पाने की शिकायत करता है,

और जिसके पास सब कुछ है,

वो खोने से डरता है।


ज़िंदगी की किताब में

हर पन्ने पर कोई अधूरी चाह लिखी है,

इसलिए शायद

हर इंसान थोड़ा परेशान दिखता है।


कभी लोग नहीं समझते,

तो शिकायत होती है…

कभी अपने बदल जाते हैं,

तो दिल चुपचाप रोता है।


लेकिन मैंने देखा है…

जो लोग संघर्षों से लड़ना सीख जाते हैं,

वो शिकायतों में

अपना समय बर्बाद नहीं करते।


क्योंकि उन्हें पता होता है

कि आँधियाँ हमेशा नहीं रहतीं,

और अंधेरी रातों के बाद

सुबह जरूर आती है।


इसलिए अब मैंने

शिकायतें कम कर दी हैं…

क्योंकि जिंदगी को

रोकर नहीं,

हंसकर जीना ज्यादा सुंदर लगता है।


✍️ लेखनाधिकार सुरक्षित: डॉ. नीरू मोहन