1. रंगीला राजस्थान
रेत सुनहरी, नभ नीला है, अनुपम इसकी शान,
घूमर की मधुर थापों से गूँजे हर आँगन-धान।
पगड़ी, ओढ़नी, लोक सुरों का अद्भुत है सम्मान,
कहे नीरू, रंगों से सजा है मेरा राजस्थान।
✍️ लेखनाधिकार सुरक्षित: डॉ. नीरू मोहन
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2. मरुधरा की महिमा
तपती रेत भी देती हमको साहस का उपहार,
कठिन डगर पर चलना सिखलाए इसका हर विस्तार।
ऊँटों की पदचाप सुनाती जीवन का गुणगान,
मरुधरा की महिमा गाता सारा हिंदुस्तान।
✍️ लेखनाधिकार सुरक्षित: डॉ. नीरू मोहन
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3. राजस्थान : शौर्य, संस्कृति और सम्मान
महाराणा की वीरता का गूँजे अमर बखान,
पन्ना धाय के त्याग से जग करता अभिमान।
संस्कृति जिसकी पहचान है, सम्मान जिसकी जान,
शौर्य और गौरव का प्रतीक है राजस्थान।
✍️ लेखनाधिकार सुरक्षित: डॉ. नीरू मोहन
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4. माटी की महक, राजस्थान की चमक
माटी में इतिहास बसा है, खुशबू में संस्कार,
हर कण में बलिदान लिखा है, हर दिल में सत्कार।
हवेलियों की छटा निराली, अनुपम इसकी झलक,
माटी की महक से जगमग है राजस्थान की चमक।
✍️ लेखनाधिकार सुरक्षित: डॉ. नीरू मोहन
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5. मरुभूमि का गौरवगान
थार की रेत सुनाती है संघर्षों की बात,
धूप यहाँ भी जीवन गढ़ती, देती नई सौगात।
लोकगीतों की सरगम में बसता इसका मान,
मरुभूमि का गौरव गाता भारत का सम्मान।
✍️ लेखनाधिकार सुरक्षित: डॉ. नीरू मोहन
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6. राजस्थान की रंगत
कहीं घूमर, कहीं कालबेलिया, कहीं मांड की तान,
कहीं मेले, कहीं उत्सव, कहीं लोकगीत महान।
रंग-बिरंगे परिधानों से खिलता इसका गगन,
राजस्थान की रंगत देखे मुस्काता है चमन।
✍️ लेखनाधिकार सुरक्षित: डॉ. नीरू मोहन
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7. वीरों की धरती राजस्थान
हल्दीघाटी की गाथाएँ आज भी देती पुकार,
वीरों की इस भूमि ने लिखे साहस के अध्याय अपार।
त्याग, धर्म और राष्ट्रभक्ति जिसकी सच्ची पहचान,
वीरों की धरती कहलाता मेरा राजस्थान।
✍️ लेखनाधिकार सुरक्षित: डॉ. नीरू मोहन
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8. संस्कृति के रंग, राजस्थान के संग
लोककला की छवि निराली, अद्भुत इसका रूप,
संगीतों की मधुर लहरियाँ, जैसे शीतल धूप।
परंपराओं की सुगंध से महके सारा जहान,
संस्कृति के रंग लिए चलता राजस्थान।
✍️ लेखनाधिकार सुरक्षित: डॉ. नीरू मोहन
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9. मरुधर का मान
कठिन परिस्थितियों में भी मुस्काना जिसने सीखा,
संघर्षों के बीच सफलता का दीपक जिसने लिखा।
अतिथि-सेवा, प्रेम और साहस जिसकी पहचान,
भारत के मस्तक का तिलक है मरुधर का मान।
✍️ लेखनाधिकार सुरक्षित: डॉ. नीरू मोहन
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10. कहे नीरू : रंगीला राजस्थान
दाल-बाटी की खुशबू महके, गूँजे मधुर लोकगान,
किलों, मंदिरों, हवेलियों से जगमग इसका मान।
शौर्य, प्रेम और संस्कृति का अनुपम है वरदान,
कहे नीरू, भारत का गौरव है रंगीला राजस्थान।
✍️ लेखनाधिकार सुरक्षित: डॉ. नीरू मोहन
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