Tuesday, 9 June 2026

शायरी 21

शायरी

1. 


जब भाषा की धुन गूंजती है, तो हर दिल में भारत का गीत बसता है,

हिंदी है हमारी पहचान, हम सबका अभिमान बसता है।

लड़कियों को भी भाषा का सम्मान मिले,

कहे नीरू, हिंदी में ही हमारी शक्ति छिपी है।


2. 


भाषा एक दीपक है, जो अंधेरे में उजाला करता है,

हिंदी में बसी हैं हमारी जड़ें, हमारी धड़कन बनकर बहता है।

सपनों की उड़ान में भाषा को साथी बनाओ,

कहे नीरू, हिंदी में ही भारत का उजाला है।


3. 


जब भारत एकता में बंधा, तो भाषा भी सहारा बनी,

हिंदी ने हर दिल को जोड़ा, हर घर में गूंजा अपना गीत।

गांव से शहर तक, हर कदम पर एकता की बात हो,

कहे नीरू, हिंदी में ही हमारी भारत माता बसती है।


4. 


हिंदी का हर शब्द एक पुल बनाता है,

जो दरवाज़े खोलता है, हर दिल और हर भाषा के लिए।

संस्कृति का ये राग हमें जोड़ता है,

कहे नीरू, हिंदी में ही हमारे सपनों का संसार है।


5. 


जब हम अपनी जड़ों से जुड़े, तो शक्ति मिली हमें,

हिंदी ने हमें बताया, कि हम कौन हैं, कहाँ से आए हैं।

भाषा का सम्मान, भारत का सम्मान है,

कहे नीरू, हिंदी में ही हमारी पहचान है।


6

अल्फ़ाज़ में कहाँ समेट पाते हैं हम दिल की दास्ताँ,

कुछ रिश्ते ख़ामोश रहकर भी उम्र भर बोलते हैं।


7

जो लोग दिल में बसते हैं, वो हर रोज़ नहीं मिलते,

कुछ चेहरे दूर रहकर भी ज़िंदगी के साथ चलते हैं।


8

वक़्त ने सिखा दिया हर दर्द को मुस्कुरा कर सहना,

अब शिकायत कम है हमको, तजुर्बों पर ज़्यादा भरोसा है।


9

जो लोग दिल में बसते हैं, वो हर रोज़ नहीं मिलते,

कुछ चेहरे दूर रहकर भी ज़िंदगी के साथ चलते हैं।


10

जो लोग दिल में बसते हैं, वो हर रोज़ नहीं मिलते,

कुछ चेहरे दूर रहकर भी ज़िंदगी के साथ चलते हैं।

कहे नीरू, ये खामोश यादें,

हमेशा दिल में बसी रहती हैं।


11

गरीबी की रातों में जब सपने भी ठहर जाते हैं,

कहें नीरू, हर बच्चे को शिक्षा का हक़ मिलना चाहिए।


12

लड़की का हर कदम भी हो बराबरी का,

कहे नीरू, बिन सपने अधूरी है ज़िंदगी।


13

सिस्टम के दरो-दीवार में जब आवाज़ें दबती हैं,

कहे नीरू, सच बोलना ही ताकत है।

हर इंसान का हक़ है सपने देखने का,

कहे नीरू, बदलाव की राह पर साथ देना ज़रूरी है।


14

जब आवाज़ें दबती हैं, तो सच और भी ज़ोर से बोलता है,

हर गरीब के पीछे एक सपना छिपा होता है।

लड़कियों के पंखों को काटकर मत देखो,

कहे नीरू, हर उड़ान का हक़ हर इंसान को है।


15

सपने वो नहीं जो रातों में आते हैं,

सपने वो हैं जो सुबह उठकर भी याद रहते हैं।

आओ, साथ मिलकर हम बदलाव की नींव रखें,

कहे नीरू, हर आवाज़ में ताकत है।


16

थार की धूप में सुनहरी है रेगिस्तान की बात,

राजस्थानी परिधान में बसी है शान और बात।

घूमर की लय में थिरकती हैं हर दिलों की बात,

जयपुर की हवेलियों में बसती है हमारी याद।


17

कुंभलगढ़ की दीवारें कहती हैं पुरानी कहानी,

मेवाड़ की बगिया में महकती है रानी।

चांदनी चौक की गलियों में बसा है प्यार,

राजस्थान की संस्कृति है अनमोल आधार।


18

पगड़ी की शान में बसा राजपूतों का अभिमान,

गोटा-पट्टी में लिपटी हर महिला की पहचान।

चोली और घाघरा, रंगों का ये उत्सव,

राजस्थानी वेशभूषा में है संस्कृति का भव्य तसव्वुर।


19

मीनाकारी की चमक, हाथों की बिंदी,

राजस्थानी लहंगा, हर कदम में है ग़ज़ब जिंदगानी।

साड़ी में भी झलकती है एक पुरानी कहानी,

कहे नीरू, राजस्थान का पहनावा है हमारी शान और निशानी।


20

कुंभलगढ़ की दीवारें कहती हैं पुरानी कहानी,

मेवाड़ की बगिया में महकती है रानी।

उदयपुर की झीलों में सपनों का बसेरा,

राजस्थान की हर गली में बसा है प्यार का प्यारा बसेरा।


21

चांदनी चौक में रंगीली महफ़िल सजती है,

घूमर और कालबेलिया से दिल की धड़कन बढ़ती है।

महाराणा प्रताप की वीर गाथा गूंजे,

कहे नीरू, राजस्थान की धड़कन हर दिल में पूजे।


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