Saturday, 24 February 2018

गायित्री संस्थान

आज 18/2/2018 काे दिल्ली के सुप्रसिद्ध हिंदी भवन में कुछ साहित्यकारों , कवियाें / गजलकार / संगीतकार / चित्रकार आदि काे सम्मान प्रदान किये गये : एक पुस्तक , “अनुभूतियाें के स्वर “ डॉ हेमलता बबली वशिष्ठ द्वारा संपादित का विमाेचन तथा कवि सम्मेलन आयाेजित किया गया ।

ये आयाेजन बबली जी की साहित्यक संस्था द्वारा पिछले कई वर्षाें से आयाेजित किया जा रहा है :

इस आयाेजन के मुख्य अतिथि थे श्री नानक चंद , पूर्व सचिव दिल्ली हिंदी एकादमी एंव अध्यक्षता की प्रख्यात साहित्यकारा संताेष खन्ना जी ने :

वशिष्ठ साहित्यकार एंव गीतकार धनंजय सिंह , गीतकार अशाेक मधुप , बलराम अग्रवाल , सुभाष नीरव , पंजाबी के कहानीकार नक्षत्र सिंह , डॉ विनाेद शलभ तथा अन्य जानी मानी हस्तियाँ कार्यक्रम में उपस्थित रहें

यह आयाेजन अन्तरराष्ट्रीय स्तर का हाे गया : इसमें नार्वे से हिंदी के सुप्रसिद्ध कवि एंव साहित्यकार एंव नेपाल के साहित्यकारों ने भी कविता पाठ किया :

आपके दाेस्त काे भी “ गायत्री साहित्य संस्थान “ ने अपना सर्वाेच सम्मान “गायत्री साहित्य शिराेमणि “ प्रदान किया :

मैं इसे अपनी साहित्यक संस्था नवल प्रयास एंव हिमाचल के साहित्काराें एंव कवियाें का सम्मान मानता हूँ ।

इस अवसर पर आयाेजित कवि सम्मेलन में मैंनें अपनी आज ही लिखी नई ग़ज़ल का पढन भी किया

मैं बबली जी एंव उनकी संस्था का आभारी हूँ

आयाेजन सांये 4 बजे से रात 9 बजे तक चला । आयाेजकाें ने सांये चाय का व रात काे भाेजन की भी व्यवस्था की थी जिसके लिए उन्हें साधुवाद :

कार्यक्रम की कुछ झलकियाँ मित्राें के लिए भी प्रस्तुत हैं , मेरी हाैंसला अफ़्जाई के लिए :

Friday, 23 February 2018

,पी.जी.डी.ए.वी. कॉलेज और हिंदुस्तानी भाषा अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में "मातृभाषा दिवस" के अवसर पर सामूहिक परिचर्चा

'वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली आयोग','केंद्रीय हिंदी निदेशालय', (मानव संसाधन मंत्रालय, भारत सरकार) ,पी.जी.डी.ए.वी. कॉलेज और हिंदुस्तानी भाषा अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में  "मातृभाषा दिवस" के अवसर पर सामूहिक परिचर्चा : राष्ट्रीय संस्कृति और मातृभाषा ( 21 फरवरी2018) स्थान : सेमिनार हाल, पी जी डी ए वी कॉलेजनेहरू नगर, दिल्ली में किया गया । इस भव्य आयोजन में इस अवसर पर इन विद्वान वक्ताओं ने अपने विचार रखे :

1. प्रो. अवनीश कुमार, अध्यक्ष, वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली आयोग, भारत सरकार
2. डा. रवीन्द्र कुमार गुप्ता, प्राचार्य, पीजीडीएवी सांध्य महाविद्यालय
3.श्री उमेश चतुर्वेदी, सलाहकार, प्रसार भारती,
4. प्रोफेसर लालचंद, निदेशक, एनसीईआरटी, दिल्ली
5.श्री जय प्रकाश फ़ाकिर, निदेशक, राष्ट्रीय तकनीकी संगठन, भारत सरकार।
6. श्री सुधाकर पाठक,अध्यक्ष, हिंदुस्तानी भाषा अकादमी
7.डा. हरीश अरोड़ा,पीजीडीएवी सांध्य महाविद्यालय
8. डा. धनेश द्विवेदी, राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय
9. प्रो. एस.पी. अग्रवालप्राचार्य, रामानुजन कॉलेज
10. प्रो. विद्या सिन्हा, प्रोफेसर, किरोड़ीमल कॉलेज
11.डा. जे.एल.रेड्डी, तेलुगु-हिंदी भाषा सेवी
12. डा. अजय कुमार मिश्र, संस्कृत-हिंदी भाषा सेवी

कॉर्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकों, छात्रों के साथ ही केंद्रीय हिंदी निदेशालय और तकनीकी शब्दावली आयोग से भी बड़ी संख्या में अधिकारी सम्मलित हुए।
अकादमी की ओर से डॉ रमेश तिवारी, श्री भूपेंद्र सेठी, श्री विजय शर्मा, सुश्री सरोज शर्मा, सुश्री विदुषी शर्मा, श्री हामिद खान, श्री विजय कुमार राय, सुश्री नीरू मोहन की विशेष उपस्थिति रही और सभी ने इस सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई । कॉर्यक्रम के सफल आयोजन और संचालन के लिए सुश्री निरुपम माथुर, डॉ रमेश तिवारी और डॉ हरीश अरोड़ा का विशेष सहयोग और मार्गदर्शन रहा ।
सभी सदस्यों और संबंधित विद्वानों को इस गरिमामयी आयोजन की बधाई और आभार ।


'वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली आयोग','केंद्रीय हिंदी निदेशालय', (मानव संसाधन मंत्रालय, भारत सरकार) ,पी.जी.डी.ए.वी. कॉलेज और हिंदुस्तानी भाषा अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में  "मातृभाषा दिवस" के अवसर पर सामूहिक परिचर्चा : राष्ट्रीय संस्कृति और मातृभाषा ( 21 फरवरी2018) स्थान : सेमिनार हाल, पी जी डी ए वी कॉलेजनेहरू नगर, दिल्ली में किया गया । इस भव्य आयोजन में इस अवसर पर इन विद्वान वक्ताओं ने अपने विचार रखे : 


1. प्रो. अवनीश कुमार, अध्यक्ष, वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली आयोग, भारत सरकार

2. डा. रवीन्द्र कुमार गुप्ता, प्राचार्य, पीजीडीएवी सांध्य महाविद्यालय 

3.श्री उमेश चतुर्वेदी, सलाहकार, प्रसार भारती, 

4. प्रोफेसर लालचंद, निदेशक, एनसीईआरटी, दिल्ली

5.श्री जय प्रकाश फ़ाकिर, निदेशक, राष्ट्रीय तकनीकी संगठन, भारत सरकार।

6. श्री सुधाकर पाठक,अध्यक्ष, हिंदुस्तानी भाषा अकादमी

7.डा. हरीश अरोड़ा,पीजीडीएवी सांध्य महाविद्यालय

8. डा. धनेश द्विवेदी, राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय 

9. प्रो. एस.पी. अग्रवालप्राचार्य, रामानुजन कॉलेज 

10. प्रो. विद्या सिन्हा, प्रोफेसर, किरोड़ीमल कॉलेज

11.डा. जे.एल.रेड्डी, तेलुगु-हिंदी भाषा सेवी

12. डा. अजय कुमार मिश्र, संस्कृत-हिंदी भाषा सेवी


कॉर्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकों, छात्रों के साथ ही केंद्रीय हिंदी निदेशालय और तकनीकी शब्दावली आयोग से भी बड़ी संख्या में अधिकारी सम्मलित हुए।

अकादमी की ओर से डॉ रमेश तिवारी, श्री भूपेंद्र सेठी, श्री विजय शर्मा, सुश्री सरोज शर्मा, सुश्री विदुषी शर्मा, श्री हामिद खान, श्री विजय कुमार राय, सुश्री नीरू मोहन की विशेष उपस्थिति रही और सभी ने इस सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई । कॉर्यक्रम के सफल आयोजन और संचालन के लिए सुश्री निरुपम माथुर, डॉ रमेश तिवारी और डॉ हरीश अरोड़ा का विशेष सहयोग और मार्गदर्शन रहा ।

अनुभूतियों के स्वर' का भव्य लोकार्पण

पुस्तक लोकार्पण, सम्मान
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समारोह एवं काव्य-गोष्ठी का
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सफल आयोजन
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प्रिय मित्रो, नमस्कार! गायत्री साहित्य संस्थान, दिल्ली द्वारा आज रविवार 18 फरवरी, 2018 को हिन्दी भवन, आई. टी. ओ., दिल्ली के सभागार में अपरान्ह 4.30 बजे से संस्था की संस्थापिका एवं कार्यक्रम संयोजिका डॉ. हेमलता 'बबली' वशिष्ठ द्वारा अपने माता-पिता स्व० गायत्री देवी एवं स्व० बाँके लाल शर्मा जी की पुण्य-स्मृति में आयोजित वार्षिक समारोह के अन्तर्गत 'पुस्तक लोकार्पण, सम्मान समारोह एवं काव्यगोष्ठी'  का आयोजन किया गया, जिसमें उनके कुशल सम्पादन में सद्यः प्रकाशित समवेत काव्य संकलन 'अनुभूतियों के स्वर' का भव्य लोकार्पण हुआ तथा अनेक साहित्यकारों सहित विभिन्न क्षेत्रों से चयनित प्रतिभावान विभूतियों को सम्मानित किया गया, जिनमें नार्वे से पधारे हिन्दी के साहित्यकार श्री शरद आलोक तथा नेपाल से पधारे हिन्दी-नेपाली कवि-लेखक श्री ऋषभ देव घिमिरे, श्रीमती सुभद्रा भट्टराई एवं श्री ज्ञानेन्द्र ढुडगना का सम्मान और नीरू मोहन 'वागीश्वरी' के हाइकु विशेष आकर्षण का केन्द्र रहा। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती सन्तोष खन्ना ने की तथा मुख्य अतिथि के रूप में हिन्दी अकादमी के पूर्व सचिव श्री नानक चन्द ने गरिमा बढ़ाई। विशिष्ट अतिथि के रूप में सर्वश्री-डॉ० धनन्जय सिंह, शरद आलोक, डॉ० आनन्द सुमन सिंह एवं डॉ० अशोक मधुप ने गरिमा बढ़ाई।
इस अवसर पर डॉ० हेमलता 'बबली' वशिष्ठ, मन्जू वशिष्ठ, अपर्णा एवं उनकी सहयोगी टीम द्वारा आपके लोकप्रिय गीतकार-अभिनेता डॉ० अशोक मधुप को उनके जन्मदिन के उपलक्ष्य में शाल, उपहार, माल्यार्पण, पुष्प गुच्छ आदि से सम्मानित किया गया। मैं डॉ० हेमलता 'बबली' वशिष्ठ, मन्जू वशिष्ठ, अपर्णा व गायत्री साहित्य संस्थान परिवार का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।
इस अवसर पर आयोजित 'पुस्तक लोकार्पण, सम्मान समारोह एवं काव्यगोष्ठी' की कुछ झलकियाँ यहाँ प्रस्तुत हैं।
------ डॉ० अशोक मधुप
(गीतकार, ग़ज़लकार, अभिनेता एवं निर्देशक),
प्रधान सम्पादक, साहित्य ऋचा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष, कायाकल्प साहित्य-कला फ़ाउंडेशन, नोएडा।

Tuesday, 13 February 2018

रानी बिटिया

** रानी बिटिया **

मेरी नानी की बेटी
कहती है मैं नानी दिखती ।

मेरे दादी के बेटे
कहते मुझको दादी दिखती ।

पापा मेरे कहते हैं
मैं दादी-सी समझदार हूँ ।

मम्मी मेरी कहती हैँ
मैं नानी-सी ज्ञानवान हूँ ।

इक दिन नानी और दादी
साथ में दोनों घर आईं ।

आलू, पूरी, हलवा सब्ज़ी
साथ में मेवा मिश्री लाईं ।

मैंने उनसे पूछ लिया
मैं किसके जैसी दिखती हूँ ।

बोली दादी-नानी मुझसे
मैं मम्मी जैसी दिखती हूँ ।

रानी बिटिया तू है हमारी
जान से प्यारी सबकी दुलारी ।

शिक्षा का उद्देश्य

** शिक्षा का उद्देश्य **

शिक्षा का मूल उद्देश्य होता
बालक का सर्वांगीण विकास ।

जिसको पाकर छात्र बनाएँ
जग मैं अपना ऊँचा स्थान ।

शून्य गगन को छू कर आएँ
क्षितिज की सीमा तक यह जाएँ ।

पढ़ लिखकर अपना यह नाम
स्वर्ण अक्षरों में लिखवाएँ ।

राकेश शर्मा, कल्पना चावला
प्रेरणा स्रोत इनके बन जाएँ ।

करके ऊँचे काम यह बच्चे
देश का नाम रोशन कर जाएँ ।

रवि किरण

** रवि किरण **

रवि किरण अंबर में छूटी
नभपर स्वर्णिम लालिमा छाई है ।

नई उमंग, सवेरा लेकर
नवप्रभात खिलाई आई है ।

पक्षी भी नभ पर देखो
विचरण करने आए हैं ।

भोर की प्रथम किरण के संग
नया सवेरा लाए हैं ।

प्रकृति मंद-मंद मुस्काती
संदेश प्यार का दे जाती ।

उषा की नई किरण के संग
प्यार तराना यह गाती।

हमारी शिक्षिका

** हमारी शिक्षिका **

हीरे-सा हमें तरशती,
सूरज-सा हमें चमकाती है ।

मातृत्व-सा स्नेह बरसाती,
अनुशासन का पाठ पढ़ाती है ।

अच्छे संस्कार और ज्ञान से,
भविष्य हमारा उज्जवल बनाती है ।

ज्ञान की ज्योति भर कर मन में
ज्ञान का दीप जलाती है ।

मुश्किलों को पार कर
सद्पथ पर चलना सिखाती है ।

ज्ञान से परिपूर्ण हमारी शिक्षिका
हमें जग में जीना सिखाती है ।