आत्मीय आभार
जीवन की एक और सीढ़ी पर
समय ने चुपचाप मेरा हाथ थाम लिया है।
पीछे मुड़कर देखती हूँ तो
यात्रा में जितनी उपलब्धियाँ दिखती हैं,
उनसे कहीं अधिक
आप सभी लोगों का स्नेह दिखाई देता है।
🎉 जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🎉
जन्मदिन की असली खुशी
दो आत्मीय शब्दों में परिपूर्ण है।
यह उन संबंधों में भी बसती है
जो बिना किसी आग्रह के
आपको अपनी शुभकामनाओं में याद रखते हैं।
आज जो भी शुभेच्छाएँ मिलीं,
वे केवल शब्द नहीं थीं—
वे विश्वास थीं, अपनापन था,
और वह मौन आशीर्वाद था
जो दूर रहकर भी
सीधे हृदय तक पहुँच जाता है।
मैं अपने विद्यालय के आदरणीय प्रबंधक महोदय जी,
आदरणीया प्रधानाचार्य जी,
आदरणीय उपप्रधानाचार्य जी
तथा अपने सभी प्रिय साथी शिक्षकों के प्रति
हृदय की गहराइयों से कृतज्ञ हूँ।
आप सबका स्नेह, सम्मान और आशीर्वाद
मेरे लिए किसी पुरस्कार से कम नहीं।
विश्वास मानिए,
आपकी शुभकामनाएँ मुझ तक पहुँच चुकी हैं—
उन्होंने आज के दिन को
उत्सव नहीं, आशीर्वाद बना दिया है।
इस जन्मदिन पर मैं ईश्वर से अपने लिए नहीं,
आप सभी के स्वस्थ, सुखी और उज्ज्वल जीवन की
कामना करती हूँ। यदि मेरे हिस्से का कोई भी प्रकाश है,
तो वह आप सबके स्नेह से ही प्रकाशित है।
स्नेह सहित
सदैव समर्पित
डॉ. नीरू मोहन
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