पति गुस्सा करे तो क्या करें?
अक्सर मुझसे पूछा जाता है—"मैडम, पति बहुत गुस्सा करते हैं, क्या करें?"
तो मेरा पहला जवाब होता है—सबसे पहले यह समझिए कि गुस्सा कोई बीमारी नहीं, एक भावना है। लेकिन उस भावना को कैसे व्यक्त किया जाए, यही इंसान का चरित्र बताता है।
पति गुस्सा करें तो उसी समय बहस जीतने की कोशिश मत कीजिए। आग पर पेट्रोल डालने से घर नहीं बचता। कभी-कभी एक कदम पीछे हटना हार नहीं, रिश्ते की समझदारी होती है।
लेकिन इसका यह अर्थ भी बिल्कुल नहीं कि हर बार चुप रहिए, हर अपमान सहिए या अपनी आत्मसम्मान की बलि दे दीजिए। शांत समय का इंतज़ार कीजिए और फिर स्पष्ट शब्दों में कहिए—"आपकी बात मुझे स्वीकार हो सकती है, लेकिन आपका गुस्सा और अपमान नहीं।"
याद रखिए, पति-पत्नी का रिश्ता अदालत नहीं है, जहाँ हर दिन कोई जीते और कोई हारे। यह तो वह जगह है जहाँ दोनों को मिलकर रिश्ता जीतना होता है।
हाँ, एक बात और। यदि गुस्सा केवल ऊँची आवाज़ तक सीमित नहीं है, बल्कि गाली, अपमान, धमकी या हाथ उठाने तक पहुँच गया है, तो इसे सामान्य मत मानिए। वहाँ चुप्पी नहीं, साहस और सही मदद की ज़रूरत होती है।
इसलिए मेरा मानना है—पति गुस्सा करें तो पहले परिस्थिति को संभालिए, फिर संवाद कीजिए। लेकिन यदि गुस्सा आपकी गरिमा और सुरक्षा पर चोट करने लगे, तो समझौता नहीं, सही निर्णय लीजिए।
क्योंकि रिश्ते प्यार से चलते हैं, डर से नहीं।
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