Friday, 8 February 2019

साइबर अपराध… क्यों नहीं रोकथाम

साइबर अपराध… क्यों नहीं रोकथाम

सब कुछ हो गया सोशल
दिल्ली या हो भूगोल
नहीं कहीं प्रमोशन
बुलिंग, एब्यूज, इमोशन
रोज हो रहा शोषण

माना कि स्त्रियां पुरुषों से किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है फिर भी दया, करुणा, ममता, त्याग और प्रेम की मूरत समझी जाने वाली नारी आज भी समाज में वह दर्जा नहीं प्राप्त कर पाई है जो उसे मिलना चाहिए था । राजनीति से लेकर ग्लैमर की दुनिया तक नारी शोषण की शिकार होती आई है और हो रही है । आज भी अभिनेत्री बनने के लिए एक लड़की को कास्टिंग काउच का शिकार होना पड़ता है। सरकार की तरफ से हर एक कदम पर सुधार की प्रक्रिया चल रही है और वह चलती रहेगी । लड़कियों पर हो रहे साइबर अपराध, अत्याचार और उनका शोषण यही बता रहा है कि अभी भी कहीं न कहीं समाज में स्त्रियों की दशा में सुधार की आवश्यकता है और जब तक सरकार की तरफ से कोई सख्त कानून नहीं बनता तब तक स्थिति स्थिर ही बनी रहेगी । आज भी स्त्री का यौन शोषण करने वाले खुलेआम शान से चलते हैं और सिर उठा कर जीते हैं ऐसे लोगों के लिए सख्त कानून नहीं होगा तो नारियों की दशा में सुधार आना मुश्किल है । प्राय: देखा गया है कि रोज़ सोशल मीडिया पर बच्चियों के साथ यहाँ तक की बालिग और नाबालिग लड़कियों के साथ ऐसी घटनाएँ घटती रहती है परंतु सरकार की सुप्त अवस्था वाली प्रतिक्रिया बनी रहती है । मानो देख कर भी अनदेखा और सुन कर भी अनसुना कर दिया गया हो । आज भी घर से बाहर काम करने वाली महिलाएँ पुरुषों के दवाब में जी रही हैं । कहने की बात है… स्त्री स्वाबलंबी हो गई है परंतु आईना यह बताता है कि आज भी लैंगिक भेदभाव होता है । लड़कियों को पैदा कर यूँ ही सड़कों पर कूड़े के डिब्बे में छोड़ दिया जाता है । बस इसलिए क्योंकि वह बेटी है समाज यह क्यों नहीं समझता कि बेटी ने ही इस समस्त जीवलोक को रचा है और अगर ऐसे ही इसका शोषण होगा तो यह धरा भी नहीं बच पायेगी । मनुष्य का अस्तित्व ही नष्ट हो जाएगा  ।

आज फेसबुक, टि्वटर, व्हाट्सएप, किसी से अछूते नहीं हैं । महिलाओं से लेकर बच्चे सभी सोशल मीडिया का प्रयोग करते हैं एक समय था जब घरों में भी फोन नहीं हुआ करते थे पूरे मोहल्ले में एक या दो घरों में फोन की सुविधा थी; वह भी उनके पास जो आर्थिक रूप से संपन्न होते थे । जैसे-जैसे तकनीकी विकास की दिशा तेज़ हुई वैसे-वैसे रहन-सहन खान-पान आदि में भी परिवर्तन होता गया । लोगों के व्यवहार में तो अंतर आया ही उनके आचरण,  उठने-बैठने के तरीके सभी में अंतर प्रदर्शित हुआ । इंटरनेट और मोबाइल के आते ही लोग एक दूसरे से दूर होते गए नज़दीकियां दूरियों में बदल गई और दूरियां पास कभी नहीं हुई । कहते हैं न कि हर चीज का अच्छा भी प्रयोग होता है और बुरा भी । लोगों ने नई तकनीक के आते ही उसका गलत प्रयोग करना आरंभ कर दिया । तकनीकी विकास दर्शाती है मगर जब तकनीकी का गलत प्रयोग होने लगे तो उन्नति अवनति में परिवर्तित हो जाती है ।

आज की स्थिति की बात करें तो साइबर अपराध राजधानी दिल्ली में आम बात हो गई है । इसका शिकार महिलाएं, बच्चे और युवा लड़कियां हो रही हैं । साइबर अपराध एक ऐसा अपराध है जिसमें कंप्यूटर और नेटवर्क शामिल हैं । किसी कंप्यूटर का अपराधिक स्थान पर मिलना या कंप्यूटर से कोई अपराध करना,  किसी की निजी जानकारी को प्राप्त कर उसका गलत प्रयोग करना कंप्यूटर अपराध कहलाता है । साइबर अपराध भी कई प्रकार के होते हैं :- जैसे कि वायरस डालना, ईमेल, हैकिंग, फिशिंग, किसी की जानकारी ऑनलाइन से प्राप्त कर उस पर नजर रखना इत्यादि । साइबर बुलिंग आजकल महिलाओं के लिए बहुत ही दुविधा या मुश्किल में डाल देने वाली एक ऐसा समस्या  है जिससे बचाव मुश्किल हो गया है । साइबर बुलिंग अर्थात इंटरनेट पर गंदी भाषा का प्रयोग, महिलाओं और लड़कियों को गंदी तस्वीरों या धमकियों से परेशान करना आज आम बात होती जा रही है । फेक आईडी एक बड़ी समस्या है । फेक आईडी के जरिए संदिग्ध व्यक्ति अन्य लोगो को जिनमें  अधिकतर महिलाएं शामिल होती हैं उन्हें सेक्स से जुड़े मैसेज भेजते हैं या फिर बहुत खराब भाषा का इस्तेमाल करते हुए धमकी भेजते हैं । फेसबुक पर अधिकतर पेज ऐसे हैं जिन पर सभी धर्मों और उनके देवी-देवताओं पर अशोभनीय विचार किए या कमेंट डाले जाते हैं इन सभी को साइबर बुलिंग ही कहा जाता हैं । इससे बचने के लिए पीड़ित व्यक्ति पुलिस को जानकारी दें और या फेसबुक पर 'रिपोर्ट एब्यूज' पर रिपोर्ट की जा सकती है । अत्यंत गंभीर मामले के चलते पुलिस को सूचित करना आवश्यक है ।

सोशल सामाजिक नेटवर्क पॉर्नोग्राफी की बात करें तो महिलाओं की रुचि पोर्नोग्राफी देखने में ज्यादा नहीं होती कई बार यह तर्क भी दिया जाता है कि जो पोर्नोग्राफी बाजार में है वह केवल पुरुषों को तृप्त करने के लिए बनाई जाती है जिसमें महिला एक वस्तु की तरह इस्तेमाल की जाती है देखा जाए तो इसमें महिलाओं का दमन और शोषण प्रदर्शित किया जाता है कई बार तो ऐसे तथ्य सामने आए हैं जिसमें ऐसी पॉर्नोग्राफी सामग्री को बनाने के प्रयास किए गए हैं जो महिलाओं द्वारा ही लिखी गई स्क्रिप्ट महिला प्रोड्यूसर द्वारा ही फिल्माई गई है । पोर्नोग्राफी व्यापार करने के माध्यम से महिलाओं का शोषण करना कहां तक सही है वैसे भी इस प्रकार के व्यापार घाटे में ही रहते हैं और इस तरह के कंटेंट परोसने वाली साइट्स या तो बंद हो जाती हैं या फिर उन पर तले लग जाते हैं । वर्तमान में साइबर स्टॉकिंग एक आम बात सी हो गई है ।
आज बच्चों से लेकर बूढ़े तक सभी स्मार्टफोन का प्रयोग करते हैं और अधिकतर समय फोन पर या ऑनलाइन व्यतीत करते हैं साइबर स्टॉकिंग की समस्या का सबसे अधिक और आसान शिकार बच्चे या महिलाएं बनती हैं क्योंकि यह वर्ग सबसे अधिक सुभेद्य होता है । ऑनलाइन माध्यम से की गई छेड़खानी को साइबर स्टॉकिंग कहा जाता है । जब ऑनलाइन माध्यम का प्रयोग करके किसी को परेशान करने के लिए ईमेल या मैसेज भेजा जाता है तो उसे साइबर स्टॉकिंग कहा जाता है एक आंकड़े के अनुसार साइबर स्टॉकिंग की समस्या से पीड़ित बच्चों की संख्या भारत में सर्वाधिक है ऐसा नहीं है कि साइबर स्टॉकिंग का शिकार केवल बच्चे या महिलाएं ही बनती है बल्कि पुरुष भी इसकी लपेट में आ जाते हैं । साइबर स्टॉकिंग को भारतीय दंड संहिता की धारा 354 ए 354 के तहत अपराध घोषित किया गया है दिल्ली में साइबर अपराध की तुलना की जाए तो वर्तमान परिदृश्य में राजधानी दिल्ली एनसीआर में प्रत्येक 10 मिनट में एक साइबर अपराध सामने आता है । वर्ष 2017 में जनवरी से जून तक 22,782 से भी अधिक मामले सामने आए थे ।

वर्तमान पीढ़ी को सिखाना होगा
सही तकनीकी ज्ञान ।
सही प्रयोग से ही होगा
उनका और देश का उत्थान ।
नेटवर्किंग का प्रयोग करना
नहीं कोई अपराध ।
बस गलत प्रयोग न हो
यही समझाना है उन्हें हर बार ।

साइबर अपराध करने वाले अधिकतर लोग युवा और कॉलेज छात्र होते हैं । वर्तमान में पांचवी, छठी कक्षा के छात्र भी पासवर्ड बनाना और हैक करना चाहते हैं ऑनलाइन नेट का प्रयोग आज छोटे-छोटे बच्चे को भी आता है । आज अगर बच्चों के हाथ से मोबाइल फोन छीन लिया जाए तो उनकी स्थिति ऐसी हो जाती है मानो किसी ने उन्हें किसी अंधे कुएं में धकेल दिया है । आज वर्तमान परिदृश्य में स्मार्टफोन एक ऐसी चीज हो गया है मानो अगर जिसके पास स्मार्टफोन नहीं है वह बहुत ही दयनीय स्थिति में या गरीब स्थिति में है ।आज मां-बाप छोटे-छोटे बच्चों के हाथ में मोबाइल फोन देते हुए भी नहीं घबराते हालांकि उनको पता है कि इसके प्रयोग से उनके बच्चे को कितना नुकसान हो सकता है । इन वस्तुओं का अधिकतम प्रयोग शरीर पर , मस्तिष्क पर , आंखों बहुत बुरा प्रभाव डालता है । साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ एवं सलाहकार रक्षित टंडन साइबर अपराध की रोकथाम हेतु दिल्ली एनसीआर के अनेक विद्यालयों में कार्यशालाएं आयोजित करते हैं । बाल भवन पब्लिक स्कूल मयूर विहार फेस- २ में माह दिसंबर में रक्षित टंडन द्वारा साइबर कार्यशाला आयोजित की गई जिसमें उन्होंने साइबर अपराध से जुड़ी प्रत्येक जानकारी को बच्चों से सांझा किया और इससे कैसे बचा जा सकता है जानकारी उपलब्ध कराई साथ ही साथ विद्यार्थियों को इसके सही प्रयोग के लिए दिशानिर्देश किया ।

साइबर क्राइम को कंप्यूटर क्राइम या इंटरनेट क्राइम के नाम से भी जाना जाता है जिसके द्वारा हम दूर बैठकर भी किसी के भी सरकारी या कारोबारी या फिर बैंक के दस्तावेजों को चुरा सकते हैं । इसमें गैर धन अपराध भी शामिल है । जैसे कि ईमेल के माध्यम से स्पैम करना, वायरस को मेल के माध्यम से बढ़ाना, ग्रुप चैट पर गलत कार्यों को अंजाम देना, पॉर्नोग्राफी को बढ़ावा देना इत्यादि । वर्तमान में राजधानी दिल्ली में साइबर अपराध चरम पर है आए दिन हजारों मामले सामने आते हैं हमें इससे बचने के लिए स्वयं सतर्क होना है ।
अगर हम स्वयं महिलाएं जागरूक नहीं होंगी तो साइबर अपराध को कम नहीं किया जा सकता । दिन-ब-दिन इसमें इजाफा ही होगा क्योंकि डर के आगे कभी जीत नहीं होती । अगर डर को मन से निकालना है तो सामना करना जरूरी है । राजधानी दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ इस बढ़ते हुए साइबर अपराध को रोकना आवश्यक है । साइबर बुलिंग, साइबर हैकिंग सोशल नेटवर्किंग क्राइम, पोर्नोग्राफी, साइबर स्टॉकिंग के माध्यम से महिलाओं का शोषण निरंतर हो रहा है। इसके खिलाफ आवाज स्वयं पीड़ित व्यक्ति को ही उठानी चाहिए चाहे वह महिला है , लड़कियां हैं या पुरुष है साइबर अपराध को रोकने के लिए तुरंत इसकी जानकारी या तो 'फेसबुक एब्यूजिंग' पर रिपोर्ट दर्ज करवाएं या फिर सीधे पुलिस में मामला दर्ज करवाएं । दिल्ली में साइबर अपराध का आंकड़ा 2005 से लेकर 2018 तक बड़ा ही हैं घटा नहीं है ।

अगर साइबर अपराध से बचना है
तो सामना करना जरूरी है ।
हार नहीं मानना है
डटकर मुकाबला करना जरूरी है ।
प्रयोग सही सिखाना होगा
तकनीकी का लोगों को आज ।
साइबर अपराध नहीं कभी होगा
अगर सीख जाएगा इंसान करना मान सम्मान ।

Saturday, 26 January 2019

गणतंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई!

भारत देश हमारा है
हम सब इसके वासी
इस मिट्टी में जन्म लिया
इस पर हम बलिहारी

अधिकारों का है भान हमें
कर्तव्यों से हम वाकिफ
नैतिक मूल्य धारण कर
निकल पड़े हिंदवासी

समता, एकता, देशप्रेम
यही भाव फैलाएंगे
नवप्रवर्तन आ गया है
नया बदलाव लाएंगे

लिंगभेद अब नहीं रहेगा
प्रेमभाव सद्भाव बढ़ेगा
पढ़े-लिखेगा पूरा भारत
गणतंत्र का मान सदैव रहेगा  ।

Thursday, 17 January 2019

पुष्प की अभिलाषा

कविता
पुष्प की अभिलाषा

कभी मसला गया फिर सजाया गया ।
कभी वीरों के शव पर चढ़ाया गया ।
कभी देवों के चरणों की शोभा बना ।
कभी चौखट में मुझको लगाया गया ।

किसी ने न जानी है मेरी अभिलाषा ।
कभी शव पर चढ़ाया वरमाला बनाया ।
कभी पूजा की थाली की शोभा बना ।
कभी पैरों तले कुचला भी गया ।

उपवन को महकाया दिलों को मिलाया ।
मेरा हर कर्म शुभफल ही है लाया ।
नहीं स्वार्थ मुझमें कभी भी है आया ।
मेरा गुंचा - गुंचा उपयोगी कहलाया ।

कंटक में रहा दर्द सहता रहा ।
दर्द मेरा मिटाने कोई भी न आया ।
तोड़ डाली से मुझको, अंत मेरा किया ।
फिर भी मैंने जग-जन सुगंधित किया ।

डॉ. नीरू मोहन ' वागीश्वरी '

Saturday, 5 January 2019

वागीश्वरी साहित्यिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संस्थान के तत्वावधान में डॉक्टर नीरू मोहन वागीश्वरी की तीन पुस्तकों का लोकार्पण और सम्मान समारोह

वागीश्वरी साहित्यिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संस्थान के तत्वावधान में डॉक्टर नीरू मोहन वागीश्वरी की तीन पुस्तकों का लोकार्पण और सम्मान समारोह

दिनांक 6 जनवरी 2019 रविवार हिंदी भवन आई टी ओ दिल्ली में डॉक्टर नीरू मोहन वागीश्वरी की तीन पुस्तकों पद्मांजलि 'नारी के मनोभावों का सजीव चित्रण' काव्य संग्रह नवप्रवर्तन 'बाल साहित्य' और बूंद बूंद सागर 'हाइकु संग्रह' का विमोचन पद्मश्री सम्मानित डॉ रमाकांत शुक्ल जी और अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा संपन्न हुआ । मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ओम सपरा जी मुख्य अतिथि, श्री सुधाकर पाठक जी अध्यक्ष हिंदुस्तानी भाषा अकादमी, प्रोफेसर अवनीश कुमार अध्यक्ष केंद्रीय हिंदी निदेशालय, श्री सुभाष चंदर व्य्ग्यकार, डॉ. हरितिमा चोपड़ा प्रोफेसर दिल्ली यूनिवर्सिटी, आमना मिर्जा प्रोफेसर दिल्ली यूनिवर्सिटी, आदरणीय अनु सिन्हा इंटरनेशनल कथक डांसर, श्री आर एस अरोड़ा शायर एवं एडवोकेट विशिष्ट अतिथि श्री ओम प्रकाश प्रजापति अध्यक्ष ट्रू मीडिया, श्री मनु भारद्वाज प्रकाशक मांडवी प्रकाशन, डॉ विजय पंडित अध्यक्ष ग्रीन केयर सोसायटी, श्री सुजीत कुंतल अध्यक्ष भारत उत्थान न्यास कानपुर, श्री अनिरुद्ध लाल जनरल सेक्रेट्री कांग्रेस, श्री राजेंद्र कपूर सीनियर चीफ वार्डन दिल्ली पुलिस, श्री पवन जैन संस्थापक आगमन साहित्यिक ग्रुप, आदरणीय मोनिका अरोड़ा राष्ट्रीय अध्यक्ष वूमेन पावर सोसायटी, श्री शशिधर शुक्ला संपादक साप्ताहिक हिंदी समाचार प्रत्यक्ष भारत सम्मानित अतिथि के रूप में सभागार में उपस्थित रहे और मंच की शोभा बढ़ाई ।

पुस्तक लोकार्पण के साथ- साथ वागीश्वरी संस्थान के तत्वाधान में अनेकों विलक्षण प्रतिभाओं को प्रशस्ति पत्र, अंग वस्त्र और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया । सभी प्रतिभाओं को सम्मान उनकी उपलब्धियों और काबिलियत के आधार पर चयन प्रक्रिया के माध्यम से पारदर्शिता को अपनाते हुए दिया गया ।
यश सनोरिया को खेलकूद और शिक्षा के क्षेत्र में 'वागीश्वरी प्रतिभाशाली छात्र सम्मान' , अंजली मुद्गल को मीडिया और जनसंचार के क्षेत्र में ' वागीश्वरी चेतना सम्मान ' , पंकज कुमार झा को शिक्षण के क्षेत्र में 'वागीश्वरी प्रभावी शिक्षक सम्मान' , शिवानी कोहली को साहित्य और लेखन के क्षेत्र में ' वागीश्वरी साहित्य रत्न सम्मान ' , सृष्टि गुलाटी को नृत्य और चित्र कला के क्षेत्र में ' वागीश्वरी बाल विलक्षण प्रतिभा सम्मान ' , डॉक्टर कामिनी वर्मा को ' वागीश्वरी नारी गौरव सम्मान ' , स्वर्णिम भारत संस्थान को ' वागीश्वरी समाज प्रहरी सम्मान' भानु प्रकाश अवस्थी और शिव कुमार को  'वागीश्वरी समाज सेवी सम्मान' और वूमेन पावर सोसायटी के सभी सक्रिय सदस्यों आभा पालीवाल, सीमा यादव, शिखा गर्ग, अंजली मुद्गल, दलजीत कौर, निधि मुकेश भार्गव, दीपांक्षी मोहन और हिना कौसर को  ' वागीश्वरी समाज सेवी सम्मान' से सम्मानित किया गया । इसी के साथ-साथ विशेष सम्मान श्रीमती रेखा शर्मा जी (प्रधानाचार्य बेबी लैंड पब्लिक स्कूल) और श्रीमती संध्या सबरवाल (पीजीटी कंप्यूटर साइंस रविंद्र पब्लिक स्कूल) को अंग वस्त्र  प्रदानकर सम्मानित किया गया ।

वागीश्वरी संस्थान के तत्वावधान में कार्यक्रम का आयोजन भव्य और यादगार रहा जो सुखद स्मृति के रूप में सभी के मानस पटल पर अपनी छाप छोड़ गया सम्मान समारोह का आयोजन वागीश्वरी संस्थान की संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरू मोहन ' वागेश्वरी ' ने किया ।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा अर्चना और दीप प्रज्ज्वलन से आरंभ करते हैं और दीप प्रज्ज्वलन के लिए मैं आदरणीय पदद्मश्री सम्मानित डॉक्टर रमाकांत शुक्ल जी श्री ओम सप्रा जी, समस्त विशिष्ट और सम्मानित अतिथियों , डॉ नीरू मोहन वागीश्वरी जी और जितेंद्र मोहन जी को मंच पर आमंत्रित करता हूं कि वह दीप प्रज्ज्वलन की प्रक्रिया में अपना पूर्ण योगदान दें और मां सरस्वती का आशीर्वाद ग्रहण कर करें ।

आज दिनांक 6 जनवरी 2019 रविवार को वागीश्वरी संस्थान के तत्वाधान में डॉक्टर नीरू मोहन वागीश्वरी जी की तीन पुस्तकों का लोकार्पण होने जा रहा है उसकी संस्थापक स्वयं डाॅ. नीरू मोहन वागीश्वरी जी हैं जो अपने आप में एक गौरव का विषय है । आज सम्मान प्राप्त करना खेल-सा हो गया है लोग पैसा देकर सम्मान प्राप्त कर लेते हैं ऐसे में वह प्रतिभाएं जो सचमुच सम्मान की हकदार होती है धन के अभाव और अन्य विभिन्न कारणों द्वारा सम्मान प्राप्त करने से वंचित हो जाती हैं ‌। इन्हीं कुछ अहम कारणों के कारण वागीश्वरी जी ने नवांकुरों को समाज के सामने लाने और ऐसी प्रतिभाएं जो सही मायने में सम्मान की हकदार हैं वागीश्वरी संस्थान के माध्यम से एक मंच प्रदान किया है । यह मंच सांस्कृतिक, साहित्यिक और सामाजिक तीन दिशाओं में कार्य करता है इस मंच से बहुत से ऐसे प्रबुद्ध जन जुड़े हैं जिनके सहयोग और दिशा निर्देश से मंच को एक नई गति प्रदान हुई है । जिसमें अार एस अरोड़ा जी , उज्जवल जी जितेंद्र मोहन जी निधि मुकेश भार्गव जी अंजलि मुद्गल जी विशेष भूमिका रखते हैं । डॉ नीरू मोहन वागीश्वरी जी वागीश्वरी संस्थान की राष्ट्रीय अध्यक्ष और संस्थापक और वुमेन पावर सोसाइटी की दिल्ली प्रदेशाध्यक्ष के रूप में समाज और देश उत्थान में अपनी मुख्य भूमिका रखते हुए एक उदाहरण पेश करती है कि नारी अपने हर रूप में धैर्य , साहस और शक्ति से परिपूर्ण है ।

आज इस मंच के माध्यम से डॉ नीरू मोहन वागीश्वरी जी की तीन पुस्तकों का लोकार्पण होने जा रहा है । पद्मांजलि डॉक्टर नीरू मोहन वागीश्वरी ने यह पुस्तक अपनी माताजी स्वर्गीय श्रीमती पदमा देवी जी को समर्पित की है इस पुस्तक में नारी के समस्त मनोभावों का सजीव चित्रण प्रस्तुत किया गया है ।

नवप्रवर्तन यह बाल काव्य संग्रह है । इसमें बच्चों के लिए नए रूप में नई कविताओं का समावेश है । सभी बाल विषयों को बहुत ही बखूबी से कविताओं के रूप में ढाला गया है ।

बूंद-बूंद सागर हाइकु संग्रह यह जापानी काव्यशैली से है । हाइकु लिखना सरल बात नहीं है । 17 वर्णों में अपनी बात को प्रस्तुत करना होता है जो बहुत ही कठिन कार्य है इस कार्य को भी डॉ नीरू मोहन वागीश्वरी जी ने बखूबी निभाया है  । यह 800 हाइकु काव्यों का संग्रह है जो सभी विषयों को समेटे हुए हैं ।

डॉ नीरू मोहन वागीश्वरी जी विलक्षण प्रतिभा की धनी हैं आप हिंदी साहित्य की अनेक विधाओं और जापानी काव्यशैली की चार विधाओं पर लिखती हैं ।

1. मैं विधिवत कार्यक्रम का शुभारंभ करता हूं
हमारा सौभाग्य है कि आज हमारे बीच पद्मश्री सम्मानित आदरणीय डॉ रमाकांत शुक्ल जी हैं उनका  अभिनंदन करते हुए  डॉक्टर नीरू मोहन वागेश्वरी जी और Shri jitendra Mohan ji ko को आदरणीय रमाकांत शुक्ला जी के सम्मान के लिए आमंत्रित करता हूं ।

2. इसी श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए में आदरणीय ओम सपरा जी सम्मान के लिए नीरू मोहन जी और श्री जितेंद्र मोहन जी को आमंत्रित करता हूं ।

3. Dr avanish ji Jo 
आप केंद्रीय हिंदी निदेशालय की तकनीकी विभाग के अध्यक्ष है उनके सम्मान के लिए मैं
डॉक्टर नीरू मोहन वागेश्वरी और जितेंद्र मोहन जी तो मंच पर आमंत्रित करता हूं ।

4. सुधाकर पाठक जी
आप हिंदी भाषा अकादमी के अध्यक्ष संस्थापक हैं उनके सम्मान के लिए में डॉ नीरु मोहन वागीश्वरी जी , जितेंद्र मोहन जी और आर एस अरोड़ा जी को मंच पर आमंत्रित करता हूं ।

5. आर एस अरोड़ा जी
आप उर्दू की मसूर शायर एडवोकेट एवं कानूनी सलाहकार हैं ।
उनके सम्मान के लिए डॉक्टर मोहन वागेश्वरी जी श्री जितेंद्र मोहन जी और योगेश सनोरिया जी को मंच पर आमंत्रित करता हूं ।

6. श्री सुभाष चंद्र जी
आप सुप्रसिद्ध वरिष्ठ व्यंग्य, लेखक हैं उनके सम्मान के लिए मैं डॉ नीरु मोहन वागीश्वरी जी, श्री जितेंद्र मोहन जी और सुनील मोहन जी को मंच पर आमंत्रित करता हूं ।

7. डाॅ हरितिमा चोपड़ा जी
अब तू सम्मान के लिए मैं निर्माण वागेश्वरी जीती सनोडिया जी और निधि मुकेश भार्गव जी को मंच पर आमंत्रित करता हूं ।

8. डॉ आमना मिर्जा जी
उनके सम्मान के लिए मैं डॉक्टर मोहन वागेश्वरी जी संध्या सब राजी और हिना जी को मंच पर आमंत्रित करता हूं ।

9. आ. अनुराधा सिंह जी
उनके स्वागत के लिए मैं डॉक्टर नीरु मोहन वागीश्वरी जी, रजनी मोहन जी मंच पर आमंत्रित करता हूं।

10. श्री ओम प्रकाश जी
आप ट्रू मीडिया ग्रुप के मुख्य संपादक है ।
उनके स्वागत के लिए मैं आ. डॉ रमाकांत शुक्ला जी ओम सप्रा जी, जितेंदर मोहन जी, डॉ नीरू मोहन वागीश्वरी जी को मंच पर आमंत्रित करता हूं ।

11. मनु भारद्वाज जी
आप बेहतरीन शायर है और मांडवी प्रकाशन के प्रकाशक हैं। उनके सम्मान के लिए मैं आ. डॉ रमाकांत शुक्ला जी ओम सप्रा जी, जितेंदर मोहन जी, डॉ नीरू मोहन वागीश्वरी जी को मंच पर आमंत्रित करता हूं ।

12. श्री अनिरुद्ध लाल जी
आप भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता और अध्यक्ष हैं उनके सम्मान के लिए मैं आ. डॉ रमाकांत शुक्ला जी ओम सप्रा जी, जितेंदर मोहन जी, डॉ नीरू मोहन वागीश्वरी जी को मंच पर आमंत्रित करता हूं ।

13. डॉ विजय पंडित जी
आप ग्रीन केयार सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पर्यावरण प्रहरी हैं ।
उनके स्वागत के लिए मैं आ. डॉ रमाकांत शुक्ला जी ओम सप्रा जी, जितेंदर मोहन जी, डॉ नीरू मोहन वागीश्वरी जी को मंच पर आमंत्रित करता हूं ।

14. श्री सुजीत कुंतल जी
आप भारत उत्थान न्यास कानपुर के अध्यक्ष हैं
उनके स्वागत के लिए मैं आ. डॉ रमाकांत शुक्ला जी ओम सप्रा जी, जितेंदर मोहन जी, डॉ नीरू मोहन वागीश्वरी जी को मंच पर आमंत्रित करता हूं ।

15. श्री राजेंद्र कपूर जी
आप मंथन फाउंडेशन की संस्थापक अध्यक्ष और
उनके सम्मान के लिए मैं आ. डॉ रमाकांत शुक्ला जी ओम सप्रा जी, जितेंदर मोहन जी, डॉ नीरू मोहन वागीश्वरी जी को मंच पर आमंत्रित करता हूं ।

16. श्री पवन जैन जी
आप आगमन साहित्यिक समूह के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं ।
उनके सम्मान के लिए मैं आ. डॉ रमाकांत शुक्ला जी ओम सप्रा जी, जितेंदर मोहन जी, डॉ नीरू मोहन वागीश्वरी जी को मंच पर आमंत्रित करता हूं ।

17. श्री शशिधर शुक्ला जी
आप प्रत्यक्ष भारत साप्ताहिक समाचार पत्र के संपादक है।
उनके सम्मान के लिए मैं आ. डॉ रमाकांत शुक्ला जी ओम सप्रा जी, जितेंदर मोहन जी, डॉ नीरू मोहन वागीश्वरी जी को मंच पर आमंत्रित करता हूं ।

18. आदरणीय मोनिका अरोड़ा जी आप वूमेन पावर सोसायटी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और समाज सेविका है ।
उनके सम्मान के लिए मैं आ. डॉ रमाकांत शुक्ला जी ओम सप्रा जी, जितेंदर मोहन जी, डॉ नीरू मोहन वागीश्वरी जी को मंच पर आमंत्रित करता हूं ।

19. आदरणीय डॉ सुरेशचंद्र शुक्ल शरद जी नार्वे से जो वरिष्ठ साहित्यकार लेखक रचनाकार है और नॉर्वे से ही एक साहित्यिक पत्रिका निकालते हैं अंतरराष्ट्रीय कवि के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए हैं और आज बहुत से शोधार्थी इन पर शोध कार्य कर रहे हैं ।
उनके सम्मान के लिए मैं आ. डॉ रमाकांत शुक्ला जी ओम सप्रा जी, जितेंदर मोहन जी, डॉ नीरू मोहन वागीश्वरी जी को मंच पर आमंत्रित करता हूं ।

20. विशेष सम्मान के लिए मंच आमंत्रित करता हूं संध्या सभरवाल जी और रेखा शर्मा जी को
मैं नीरु मोहन वागेश्वरी जी जितेंदर मोहन जी और आर एस अरोड़ा जी को मंच पर आमंत्रित करता हूं कि वह संध्या जी और रेखा जी का सम्मान अंग वस्त्र से करें ।

21. जिनके साथ सहयोग के बिना यह उपलब्धि अधूरी थी वह जो उस ब्रह्म में विलीन हो चुके है श्री चांद मोहन जी उनको धन्यवाद करते हुए श्रीमती पुष्पा देवी जी जो हमारे बीच विराजमान है मंच पर आमंत्रित करता हूं और साथ ही साथ आमंत्रित करता हूं जितेंदर मोहन जी और नीरु मोहन जी को  कि वह माताजी का सम्मान अंग वस्त्र से करें ।

अतिथियों के वक्तव्य
प्रत्येक अतिथि को 3 मिनट

1.आदरणीय डॉ रमाकांत शुक्ला जी
2. श्री ओम सप्रा 
3. श्री सुधाकर पाठक
4. श्री सुभाष चंद्र
5. प्रो. अवनीश कुमार
6. डाॅ. हरितिमा
7. डाॅ .आमना मिर्ज़ा
8. आ. अनु सिंह
9. श्रीओमप्रकाश प्रजापति
10. श्री मनु भारद्वाज
11. डाॅ विजय पंडित
12. श्री सुजीत कुंतल
13. श्री शशिधर शुक्ला
14. आ. मोनिका अरोड़ा
15. श्री अनिरुद्ध लाल
16. श्री राजेन्द्र कपूर
17. श्री पवन जैन
18. श्री आर एस अरोड़ा

दूसरे चरण में

प्रतिभा सम्मान का आरंभ करते हैं ।

1.यश सनोरीया
आपने छोटी सी उमर में ही पढ़ाई के साथ साथ क्रिकेट  में एक विशेष स्थान बनाया  है प्राप्त उपलब्धियों के आधार पर वागीश्वरी संस्थान यश सानोरीया को प्रतिभाशाली छात्र सम्मान
खेलकूद और शिक्षा के क्षेत्र में प्रदान करती है
संस्थान आपके उज्जवल भविष्य की कामना करती है और नीरु मोहन वागेश्वरी जी डॉ रमाकांत शुक्ल जी और ओम सप्रा जी को मंच पर आमंत्रित करती है कि वह यश सनोरिया को सम्मान करें ।

2.अंजलि मुद्गल
अंजलि मुद्गल एक उदाहरण है युवा शक्ति के लिए अंजलि जी मीडिया और जनसंचार क्षेत्र में अपनी एक विशेष पहचान बनाए हुए हैं वहांश्वरी संस्थान की तरफ से अंजलि जी को वागीश्वरी चेतना सम्मान मीडिया और जनसंचार क्षेत्र में प्रदान किया जाता है जिसको देने के लिए मैं रमाकांत शुक्ल जी ओम सप्रा जी मोनिका जी और नीरु जी को मंच पर आमंत्रित करता हूं ।

3.पंकज कुमार झा
शिक्षण क्षेत्र में विशिष्ट और विशेष उपलब्धियों के आधार पर वागेश्वरी संस्थान की ओर से पंकज कुमार झा को वागीश्वरी प्रभावी शिक्षक सम्मान प्रदान किया जाता हैं पंकज जी को यह समान शिक्षण क्षेत्र में दिया जा रहा है जिसको देने के लिए रमाकांत शुक्ल जी ओम सपरा जी नीरू मोहन जी और हृतिमा जी को मंच पर आमंत्रित करता हूं ।

4.शिवानी कोहली
आपको वागेश्वरी संस्थान थी ओर से सहित तेने विशेष उपलब्धि के आधार पर वागेश्वरी सहित से रत्न सम्मान से सम्मानित किया जाता है यह समान साहित्य और लेखन क्षेत्र में आपको दिया जा रहा है जिसके लिए मैं मंच पर रमाकांत शुक्ल जी ओम सप्रा जी नीरु मोहन जी और सुधाकर पाठक जी को मंच पर आमंत्रित करता हूं ।

5.सृष्टि गुलाटी
आप छोटी सी बालिका छोटी सी उमर में विलक्षण प्रतिभाओं की धनी है आपको नृत्य और चित्रकला के क्षेत्र में आपकी विशेष उपलब्धियों के आधार पर वागीश्वरी संस्थान की ओर से बाल विलक्षण प्रतिभा सम्मान से सम्मानित किया जा रहा है । मैं नीरु मोहन जी अनुराधा जी और मोनिका जी को मंच पर आमंत्रित करता हूं

6.डॉक्टर कामिनी जी आपको आपकी विशिष्ट उपलब्धियों के आधार पर वागीश्वरी संस्थान की ओर से वागीश्वरी नारी शक्ति सम्मान से अलंकृत किया जाता है जिसको देने के लिए मैं मंच पर नीरु मोहन वागीश्वरी जी मोनिका जी और आमना मिर्जा जी को आमंत्रित करता हूं ।

7.स्वर्णिम भारत संस्थान
स्वर्णिम भारत संस्थान को समाज सेवा के क्षेत्र में विशेष
योगदान देने हेतु वागीश्वरी संस्थान की ओर से वागीश्वरी समाज प्रहरी सम्मान से सम्मानित किया जाता है जिसको प्रदान करने के लिए मैं मंच पर डॉ रमाकांत शुक्ल जी नीरु मोहन जी को आमंत्रित करता हूं ।

8. वूमेन पावर सोसाइटी के सभी सक्रिय सदस्यों को वागेश्वरी संस्थान की ओर से उनकी सक्रियता कर्मठता और समाज सेवी कार्यों में विशेष योगदान हेतू प्रशस्ति पत्र और अंग वस्त्र प्रदान  करके उनको सम्मानित किया  जाता है ।
सम्मान प्राप्त करने हेतु मंच पर आमंत्रित करता हूं आधा पालीवाल जी सीमा यादव जी शिखा जी अंजलि मुद्गल जी दलजीत कौर जी निधि मुकेश भार्गव जी और दीपांशी मोहन जी
सम्मान देने के लिए आमंत्रित करता हूं वूमेन पावर सोसाइटी राष्ट्रीय अध्यक्ष मोनिका जी और वूमेन पावर सोसाइटी प्रदेशाध्यक्ष नीरु मोहन जी को

9.भानु प्रकाश अवस्थी
सराय नौधाना,बकेवर,इटावा 
10. ब्रह्म कुमार मिश्रा
गोहनी,चकरनगर,इटावा
को समाज सेवा के क्षेत्र में उनकी विशेष उपलब्धियों के आधार पर वागेश्वरी समाज पहली सम्मान से सस्ती पत्र और अंग वस्त्र प्रदान करके सम्मानित किया जाता है उनके सम्मान के लिए में मंच पर नीरु मोहन बागेश्वरी जी जितेंद्र मोहन जी और मोनिका जी दिलदार देहलवी जी को आमंत्रित करता हूं  ।