Wednesday, 7 January 2026

मेरे गुरु मंगलमय यह जन्मदिवस, नव-उत्सव-उल्लास लाए, आयु-यश-आरोग्य बढ़े, जीवन सुविकास पाए।

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मधुवाणी-मंजुल शब्दों से, जिनकी पहचान बनी,

शालीनता-संस्कारों में, जिनकी छवि निखरी।

प्रज्ञापुञ्ज प्रखर मस्तक, विवेक-विलास अपार,

चिंतन-चंद्रिका से आलोकित, हर निर्णय उजियार।

कर्तव्यपथ-दीपशिखा बन, तम-तिमिर दूर भगाए,

अनुशासन-अनुराग संग, मर्यादा पथ दिखलाए।

प्रबंधन-प्रवीण, नैतिकता, नीति-निपुणता जिनमें,

नेतृत्व-लालित्य से रचते, विश्वास नए क्षण-क्षण में।

हमारी संस्कारभूमि, जिनसे गौरव पाती है,

शिक्षा-साधना के यज्ञ में, साधना नित सज जाती है।

सौम्य स्वभाव, संयमित मन, करुणा कुंदनहार,

स्नेह–सिक्त व्यवहार आपका, जीत ले हर विचार।

बुद्धि-विलक्षण, दृष्टि-दूरगामी, लक्ष्य-साधक व्यक्तित्व महान,

निर्णय-निर्मल, कर्म-सार्थक, सदा लोकहित-संकल्पवान।

शब्द-शक्ति में शांति-वृत्ति, संवादों में उजास,

व्यक्तित्व आपका बन जाता, मूल्यों का उज्ज्वल प्रकाश।

मंगलमय यह जन्मदिवस, नव-उत्सव-उल्लास लाए,

आयु-यश-आरोग्य बढ़े, जीवन सुविकास पाए।

विद्यालय, समाज, राष्ट्र सदा, पाए नव संबल-दान,

आपकी साधना से दीप्त हों, मूल्य, विवेक, और ज्ञान।


💐💐©️ डॉ नीरू मोहन 💐💐

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