नव वर्ष आपके जीवन में
सूर्योदय-सा उजास लाए,
हर सुबह आशा की किरण बन
मुस्कान के पुष्प खिलाए।
समय चरणों में दीप रखे,
सफलता स्वयं पथ दिखाए,
कर्म-सुगंध से महके जीवन,
हर स्वप्न साकार हो जाए।
वाणी में वीणा का माधुर्य,
मन में गंगा-सी शांति हो,
बुद्धि में सरस्वती का वास,
कर्म में गीता की क्रांति हो।
संकल्प हिमालय-से अडिग हों,
श्रद्धा सागर-सी गहरी हो,
नव वर्ष बने वरदान ऐसा,
हर दिशा प्रगति से भरी हो।
आपका जीवन दीप बने,
जो स्वयं जले, जग को उजियाए—
इन्हीं मंगल भावनाओं संग
नव वर्ष मंगलमय हो जाए।
✍️ लेखनाधिकार सुरक्षित: डॉ. नीरू मोहन
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