आशा के दीप जलाइए, नव वर्ष लाए उजास।
कर्म-सुगंध से भर उठे, जीवन की हर श्वास।
बीते दुख को छोड़कर, थामें नव विश्वास।
मेहनत के उजले पथ पर, मिल जाए हर प्रयास।
करुणा का दीप सँजोए, प्रेम रहे आसपास।
वाणी में मधुरता बसे, मिट जाए हर अवसाद।
सत्य-साहस के साथ ही, बढ़ते रहें हम खास।
सेवा-संकल्प अपनाएँ, बने समय का प्रकाश।
ज्ञान-पथ पर दीप जले, दूर रहे अज्ञान।
नव वर्ष बने मंगलमय, सधे जीवन की तान।
✍️ लेखनाधिकार सुरक्षित: डॉ. नीरू मोहन
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