साहित्य सिंधु **गद्य-पद्य संग्रह**

Friday, 9 February 2018

देश हमारा प्यारा

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देश हमारा प्यारा-न्यारा, प्रभात का फैला है उजियारा । गंगा-यमुना इसकी शान, शीर्ष हिमालय खड़ा महान । वृंदावन की गलियाँ न्यारी, कृष्ण की न...

बाल साहित्य समर्पण

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बालसाहित्य समर्पण बाल साहित्य बाल मन की झलक होता है । यह एक आईना है जिसमें हमें स्वयं अपना बचपन नज़र आता है । अपनी इस पुस्तक का हर शब्द  व...

मेरे भैया

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मेरे भैया प्यारे-प्यारे सबसे न्यारे सबके दुलारे मम्मी को हम दोनों प्यारे राजा कह मम्मी हैं पुकारे भैया मेरे साथ ही सोते प्यार मुझे बहुत...

शीत लहर

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ठंडी-ठंडी हवा चली है । शीत लहर से ठंड बढ़ी है । श्याम नहीं जग पाया आज । स्कूल की उसने छुट्टी करी है । मम्मी बोली जग जा शाम । बहुत कर लि...

सैनिक बनूँगा

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मम्मी मैं भी वीर बनूँगा । सैनिक बन सीमा पे लड़ूँगा । देश की सेवा सदा करूँगा । दुश्मन को मैं ध्वस्त करूँगा । तीन रंग के झंडे का मैं । जी...

रविवार

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रविवार का दिन जब आता । बच्चों के मन को वह भाता । देर से उठना, देर से नहाना । पूरी पकवान पराँठे खाना । टी वी देख, खेलने जाना । खूब उधमकर...

सुबह हो गई

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जागो राघव हुआ सवेरा । उठ कर भागो जल्दी नहा लो । दाँत साफ़ कर क्रीम लगा लो । दूध पियो तुम चॉकलेट वाला । ब्रेड खाओ तुम मक्खन वाला । जल्दी...
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Author Dr. Neeru Mohan
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