साहित्य सिंधु **गद्य-पद्य संग्रह**
Friday, 10 November 2017
चिड़िया के अंडे
›
भूल करी थी केशव ने श्यामा ने भी साथ दिया । चिड़िया के अंडों को छूकर उनको यूँ खराब किया । मम्मी को जब पता चला भागी-दौड़ी आयी मम्मी । डा...
मुझे भी पढ़ना है
›
गीदड़ को पढ़ने जाना है पढ़ लिखकर बाबू बनना है जंगल का राजा बन करके शेर की तरह शासन करना है गधे को गीदड़ की भांति पढ़कर नाम कमाना है म...
मम्मी मुझको भूख लगी
›
गुड़िया को थी भूख लगी । बोली मम्मी क्या है बनाया । दे दो मुझको झट से अभी । मम्मी बोली साग बनाया । खा ले गुड़िया गरम है अभी । मक्का की र...
Thursday, 9 November 2017
बाल कहानी
›
आरक्षण नहीं संरक्षण चाहिए
›
लेख आरक्षण सामाजिक विषमता को प्राप्त करने के लिए दिया गया है न कि उसे हथियार बनाकर सामाजिक भेदभाव खड़ा करने तथा राजनीतिक स्वार्थ पूरा करने ...
प्रयास
›
माँ को समर्पित एक बेटी के मन के भाव शब्दों में गुंफित सुमन सुरभि लाई हूँ । स्वर्णिम अरुण रश्मियों के रंग से सजी इंद्रधनुषी नवप्रभात बन कर...
Wednesday, 8 November 2017
#प्रदुम्न की हत्या व बाल अपराध
›
#प्रदुम्न की हत्या व बाल अपराध ***************************** प्रदुम्न की हत्या उसी स्कूल के ग्यारहवी के छात्र द्वारा इसलिये की गई कि वो हत...
‹
›
Home
View web version